About Us
Empowerment is Our Goal, and **Khushiyan Khushhal Jeevan Samaj** is Our Vision.
महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान (mahilasurksha.org) एक संस्था है जो बिहार और झारखंड में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, सुरक्षा प्रदान करने और आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए काम करती है। यह कौशल प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं का लाभ, 'समृद्धि लोन' जैसी आर्थिक सहायता, और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। यह संस्था महिला स्वामित्व वाले छोटे व्यवसायों के लिए भी सहायता प्रदान करती है। www.mahilasurksha.org
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प्रमुख विवरण और सेवाएं:
उद्देश्य: महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और व्यवसाय (Entrepreneurship) के माध्यम से आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना। बिहार कार्यालय: 527/103 प्रथम तल्ला, सहेवन भवन, विजय नगर, पटना - 800026। झारखंड कार्यालय: 36/12 चौधरी मोहल्ला, कोकर चौक के नजदीक, कोकर, रांची - 834001।
सुविधाएं:महिला सुरक्षा: सुरक्षा के लिए जागरूकता और सहयोग। व्यवसाय विकास: व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता और मार्गदर्शन (समृद्धि लोन)।
कौशल प्रशिक्षण: विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लिए प्रशिक्षण। संपर्क: फ़ोन - +91 9709500361, ईमेल - info@mahilasurksha.org, mahilahealthcare467@gmail.com,
आवेदन प्रक्रिया: सदस्य बनने या योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन फॉर्म (Google Form) या ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह (SHG/BRLPS) के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। यह प्रतिष्ठान मुख्य रूप से महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक बंधनों से मुक्त करने के लिए कार्य करता है। हेल्थकेयर सेंटर सभी तरह-तरह जेनरल Operations सभी तरह की बीमारियों का इलाज निःशुल्क करवायें जाते हैं मोतियाबिंद का ऑपरेशन (हर्निया ,ऑर्थो ऑपरेशन, किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी ) सर्जिकल जॉन्डिस" या "ऑब्स्ट्रक्टिव जॉन्डिस,Population case operation" का अर्थ आमतौर पर नसबंदी (Sterilization)न्यूरो सर्जरी (Neuro Surgery) नि:शुल्क सेवा आवेदन फॉर्म महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान / खुशियाँ खुशहाल जीवन समाज आवेदन फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले निर्देश पढ़ें, सही जानकारी (नाम, पता, जन्मतिथि) भरें,
आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें, फोटो-हस्ताक्षर अपलोड करें (सही साइज़ और फॉर्मेट में) नि:शुल्क सेवा अंतिम सबमिशन से पहले अच्छी तरह जांच लें, क्योंकि अंतिम सबमिशन के बाद बदलाव संभव नहीं होता है /.
1 न्यूरो सर्जरी (Neuro Surgery)
- Neeru operation" संभवतः न्यूरो सर्जरी (Neuro Surgery) के लिए इस्तेमाल किया गया शब्द है। न्यूरो सर्जरी का अर्थ यह सर्जरी कब ज़रूरी होती है? लगातार गंभीर सिरदर्द या दौरे (Seizures) पड़ना। शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन या मांसपेशियों में भारी कमजोरी। रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट या गर्दन और पीठ में असहनीय दर्द। ब्रेन हेमरेज (मस्तिष्क में खून का थक्का जमना)। लागत और रिकवरी खर्चा: भारत में न्यूरो सर्जरी की लागत ₹1.5 लाख से ₹5 लाख तक हो सकती है, जो अस्पताल और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करती है। रिकवरी: आधुनिक तकनीक (जैसे न्यूरो-नेविगेशन) के कारण अब रिकवरी जल्दी होती है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में हफ्तों लग सकते हैं। क्या आप किसी विशेष लक्षण (जैसे पीठ दर्द या सिर में चोट) के कारण इस ऑपरेशन के बारे में पूछ रहे हैं?यह सर्जरी कब ज़रूरी होती है? लगातार गंभीर सिरदर्द या दौरे (Seizures) पड़ना। शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन या मांसपेशियों में भारी कमजोरी। रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट या गर्दन और पीठ में असहनीय दर्द। ब्रेन हेमरेज (मस्तिष्क में खून का थक्का जमना)। लागत और रिकवरी खर्चा: भारत में न्यूरो सर्जरी की लागत ₹1.5 लाख से ₹5 लाख तक हो सकती है, जो अस्पताल और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करती है। रिकवरी: आधुनिक तकनीक (जैसे न्यूरो-नेविगेशन) के कारण अब रिकवरी जल्दी होती है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में हफ्तों लग सकते हैं। क्या आप किसी विशेष लक्षण (जैसे पीठ दर्द या सिर में चोट) के कारण इस ऑपरेशन के बारे में पूछ रहे हैं?
2 -Population case operation" का अर्थ आमतौर पर नसबंदी (Sterilization)
- मुख्य बिंदु: यह परिवार नियोजन का एक स्थायी तरीका है। सरकार द्वारा कई राज्यों में इन ऑपरेशनों के लिए मुआवजा और सहायता योजनाएं भी चलाई जाती हैं। पुरुष नसबंदी, महिला नसबंदी की तुलना में अधिक सरल, कम जोखिम वाली और जल्दी ठीक होने वाली प्रक्रिया मानी जाती है। क्या आप सरकारी योजनाओं या इस ऑपरेशन के बाद रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं ? हर्निया (Hernia Ayushman card )का ऑपरेशन एक आम प्रक्रिया है जिसमें शरीर के कमजोर हिस्से से बाहर निकले अंग को वापस सही जगह रखकर उस हिस्से को मजबूत किया जाता है। ऑपरेशन के बाद रिकवरी और सावधानियां आराम: ऑपरेशन के बाद पहले 24-48 घंटे पूरी तरह आराम करें। भारी वजन: कम से कम 4-6 सप्ताह तक भारी सामान उठाने या कठिन व्यायाम से बचें। खान-पान: कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त भोजन और पर्याप्त पानी पिएं, ताकि पेट पर जोर न पड़े। घाव की देखभाल: टांकों वाली जगह को साफ और सूखा रखें। सपोर्ट: खांसते या उठते समय हर्निया वाली जगह को हाथ से हल्का सहारा दें ताकि टांकों पर जोर न आए। ठीक होने में लगने वाला समय लैप्रोस्कोपिक सर्जरी: मरीज आमतौर पर 1-2 सप्ताह में काम पर लौट सकते हैं। ओपन सर्जरी: पूरी तरह ठीक होने में 3 से 6 महीने का समय लग सकता है। हर्निया के इलाज और सर्जरी के विकल्पों के बारे में अधिक जानने के लिए आप के गाइड या Pristyn Care की सावधानियां देख सकते हैं। क्या आप हर्निया के विशिष्ट प्रकार (जैसे कमर या नाभि का हर्निया) या ऑपरेशन के खर्च निशुल्क के बारे में जानना चाहते हैं ? किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी ) में खनिजों और लवणों (कैल्शियम, ऑक्सलेट) के क्रिस्टलीकृत होकर जमने से बनी कठोर संरचनाएं हैं, जो कम पानी पीने या उच्च प्रोटीन/नमक आहार के कारण होती हैं। यह पीठ के निचले हिस्से, कमर में गंभीर दर्द, खूनी पेशाब, उल्टी व बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षण पैदा करती है। छोटी पथरी पानी/दवा से निकल सकती है, पर बड़ी पथरी के लिए लेजर या सर्जरी (PCNL/URS) की आवश्यकता होती है। सर्जिकल जॉन्डिस" या "ऑब्स्ट्रक्टिव जॉन्डिस पीलिया (Jaundice) आमतौर पर दवाओं और परहेज से ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में ऑपरेशन (Surgery) की आवश्यकता होती है। इसे अक्सर "सर्जिकल जॉन्डिस" या "ऑब्स्ट्रक्टिव जॉन्डिस" कहा जाता है। ऑपरेशन की ज़रूरत कब पड़ती है? सर्जरी तब की जाती है जब पीलिया का कारण पित्त की नली (Bile Duct) में रुकावट हो: पित्त की पथरी (Gallstones): जब पथरी पित्त की नली में फंस जाती है और पित्त के बहाव को रोक देती है। ट्यूमर या कैंसर: अग्न्याशय (Pancreas) या पित्त नली में ट्यूमर होने पर। नली का सिकुड़ना (Biliary Stricture): किसी चोट या सूजन के कारण नली का रास्ता संकरा हो जाना। मुख्य सर्जिकल प्रक्रियाएं (Surgical Procedures) डॉक्टर रुकावट को हटाने के लिए निम्नलिखित तरीके अपना सकते हैं: ERCP: एक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया जिसमें बिना बड़ा चीरा लगाए नली से पथरी निकाली जाती है या रुकावट खोलने के लिए स्टेंट (Stent) डाला जाता है। लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी: यदि पित्ताशय की पथरी मुख्य कारण है, तो दूरबीन विधि से पित्ताशय को निकाल दिया जाता है。 ओपन सर्जरी: जटिल मामलों या कैंसर की स्थिति में डॉक्टर पारंपरिक सर्जरी का सुझाव दे सकते हैं। सर्जरी से पहले और बाद की सावधानियां जांच: सर्जरी से पहले अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन या MRCP जैसे टेस्ट किए जाते हैं। रक्तस्राव का खतरा: पीलिया में खून के थक्के जमने की क्षमता कम हो सकती है, इसलिए डॉक्टर विटामिन K या अन्य उपचार देते हैं। रिकवरी: लीवर को पूरी तरह सामान्य होने में 6 महीने तक का समय लग सकता है। यदि पीलिया के साथ तेज पेट दर्द, खुजली या बुखार है, तो यह रुकावट का संकेत हो सकता है। क्या आप किसी विशेष लक्षण या डॉक्टर की रिपोर्ट के बारे में जानना चाहते हैं ?
Our Journey and the Role of IAICF
- **Mahila Suraksha Evam Vyavsay Pratisthan** (Women's Safety and Business Establishment) was incorporated in Bihar, India, on **May 23, 2022**, as an **Education-Focused, Non-Governmental Organization (NGO)**. Our core objective is to provide **employment opportunities** and make underprivileged women secure and self-reliant at every level. Our work primarily focuses on empowering women in the fields of **Education, Industrial Development, and Training**.
Partnership with IA Infotech Computer Foundation (IAICF)
- We collaborate closely with **IA Infotech Computer Foundation (IAICF)**. IAICF focuses on skill development and ensures **sustainable livelihood** for the underprivileged through programs in education, community development, and youth mentorship. We believe that technical and industrial training is the key to self-reliance.
भारत सरकार की प्रमुख पहलें
भारत सरकार द्वारा पहलें
महिला सुरक्षा के लिए पहलें
- **महिला हेल्पलाइन (181):** 24x7 कानूनी, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता।
- **वन स्टॉप सेंटर (ओएससी):** 800+ केंद्र, हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एकीकृत सहायता प्रदान करते हैं।
- **निर्भया फंड:** महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता।
- **सुरक्षित शहर परियोजना:** सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार के लिए बेहतर प्रकाश व्यवस्था, निगरानी और महिला पुलिस गश्त।
व्यावसायिक और शैक्षिक विकास के लिए पहलें
- **प्रगति छात्रवृत्ति:** तकनीकी शिक्षा में लड़कियों के लिए वित्तीय सहायता।
- **उड़ान योजना:** IITs/NITs की तैयारी करने वाली लड़कियों के लिए निःशुल्क कोचिंग।
- **विज्ञान ज्योति योजना:** विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए।
- **स्वाधार गृह योजना:** निराश्रित महिलाओं को आश्रय, भोजन और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
कानूनी प्रावधान
- **भारतीय न्याय संहिता 2023:** महिलाओं की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कानून।
- **महिला तस्करी रोकथाम अधिनियम:** मानव तस्करी और यौन शोषण को रोकने पर केंद्रित।
बिहार सरकार की पहल: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना
स्वरोजगार के लिए **₹2 लाख 10 हजार** तक की वित्तीय सहायता
- **पहली किश्त:** अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू करने के लिए, राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को सहायता के रूप में **₹10,000** की पहली किस्त सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
- **अतिरिक्त सहायता:** व्यवसाय शुरू करने के बाद, महिलाएं मूल्यांकन के बाद **₹2 लाख** तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
- **पात्रता अनिवार्य:** लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक महिला का स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना अनिवार्य है। आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- **आय सीमा:** आवेदक या उसका पति आयकर दाता की श्रेणी में नहीं होना चाहिए तथा उसके पास कोई सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया (ग्रामीण और शहरी)
- स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं ग्राम संगठन (VO) या क्षेत्र स्तरीय संगठन (ALO) के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। जो महिलाएं SHG से नहीं जुड़ी हैं, वे वेबसाइट **www.brlps.in** के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
Dr Vishal Jha Chicf Exutive

धर्मपाल कुमार सिंह जी निश्चित रूप से! आपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (COO) की भूमिका का बहुत सटीक विवरण काम किया है। COO महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान नेशनल संगठन है जो कि हेल्थ और एजुकेशन केंद्र पर बिंदु होता है जहाँ रणनीति और कार्यान्वयन (Execution) का मिलन होता है। महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान COO की भूमिका और जिम्मेदारियों का संक्षिप्त बहुत अच्छा विश्लेषण है: महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान COO की मुख्य भूमिकाएँ 1. रणनीतिक नेतृत्व (Strategic Leadership) COO का सबसे बड़ा काम संगठन के भविष्य का रास्ता तय करना है। वे तय करते हैं कि संगठन अगले 5 या 10 वर्षों में कहाँ होगी। इसमें मिशन और विजन तैयार करना शामिल है। 2. निर्णय लेना (Decision Making) चाहे वह किसी दूसरी कंपनी को खरीदना (Acquisition) हो या नए बाज़ार में उतरना, अंतिम फैसला COO इन्हीं का होता है। वे संसाधनों (पैसे और लोग) का सही बँटवारा सुनिश्चित करते हैं। 3. टीम का निर्माण (Team Building) एक COO अकेले सब कुछ नहीं कर सकता। उनका काम बेहतरीन विशेषज्ञों ( COO - वित्त के लिए, COO - ऑपरेशंस के लिए) की टीम बनाना और उन्हें प्रेरित करते है। 4. बोर्ड और जनता के बीच की कड़ी COO बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) के प्रति जवाब देह होते हैं। साथ ही, वे मीडिया, निवेशकों और ग्राहकों के सामने महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान का चेहरा हैं।

हरेराम कुमार जी निश्चित रूप से! आपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका का बहुत सटीक विवरण काम किया है। CEO महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान नेशनल संगठन है जो कि हेल्थ और एजुकेशन केंद्र पर बिंदु होता है जहाँ रणनीति और कार्यान्वयन (Execution) का मिलन होता है। महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान CEO की भूमिका और जिम्मेदारियों का संक्षिप्त बहुत अच्छा विश्लेषण है: महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान CEO की मुख्य भूमिकाएँ 1. रणनीतिक नेतृत्व (Strategic Leadership) CEO का सबसे बड़ा काम संगठन के भविष्य का रास्ता तय करना है। वे तय करते हैं कि संगठन अगले 5 या 10 वर्षों में कहाँ होगी। इसमें मिशन और विजन तैयार करना शामिल है। 2. निर्णय लेना (Decision Making) चाहे वह किसी दूसरी कंपनी को खरीदना (Acquisition) हो या नए बाज़ार में उतरना, अंतिम फैसला CEO इन्हीं का होता है। वे संसाधनों (पैसे और लोग) का सही बँटवारा सुनिश्चित करते हैं। 3. टीम का निर्माण (Team Building) एक CEO अकेले सब कुछ नहीं कर सकता। उनका काम बेहतरीन विशेषज्ञों ( CEO - वित्त के लिए, CEO - ऑपरेशंस के लिए) की टीम बनाना और उन्हें प्रेरित करते है। 4. बोर्ड और जनता के बीच की कड़ी CEO बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) के प्रति जवाब देह होते हैं। साथ ही, वे मीडिया, निवेशकों और ग्राहकों के सामने महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान का चेहरा हैं।

शिवम सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान संगठन का सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी है, जिसका मुख्य काम संगठन नीतियों को निर्धारित करना, जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना, राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठकों की अध्यक्षता करना और सहायक संस्थाओं (जैसे युवा/किसान विंग) के प्रमुखों को नियुक्त करना है। वे संस्था दिशा और अनुशासन तय करते हैं। शिवम सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष के मुख्य कार्य और जिम्मेदारियां: संगठन का नेतृत्व: संस्था के सांगठनिक ढांचे को पूरे देश में सुचारू रूप से चलाना और उसे मजबूत करना। नीति निर्धारण: संगठन वैचारिक और राजनीतिक नीतियों को तय करना, महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान के अनुसार। नवनियुक्तियां: राष्ट्रीय कार्यकारिणी, प्रदेश इकाइयों, और सहायक विंग्स के अध्यक्षों व पदाधिकारियों का चयन करना। काम करने व रणनीति: आगामी एकता के लिए रणनीति बनाना, टीम Leadership काम वितरण में सलाह देना और जनमत को प्रभावित करने के लिए अभियान चलाना। बैठकों का संचालन: राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान की बैठकों की अध्यक्षता करना और संस्था दिशा तय करना। अनुशासन: महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान कार्यकर्ताओं और मेंबर्स में अनुशासन सुनिश्चित करना

विशाल झा प्रबंध निदेशक हैं Vishal Jha Managing Director - MD) महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान संस्था सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी (Executive Officer) है, जो संस्था के दैनिक कार्यों, संचालन और रणनीतिक निर्णयों के लिए सीधे निदेशक मंडल (Board of Directors) के प्रति जवाबदेह है। एमडी बोर्ड की नीतियों को क्रियान्वित करते हैं और सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर संस्था के प्रदर्शन को अनुकूलित करने का कार्य करते हैं। विशाल झा प्रबंध निदेशक (MD) की मुख्य काम के भूमिका और जिम्मेदारियाँ: दैनिक कार्यों का प्रबंधन: संस्था के सुचारू संचालन के लिए सभी विभागों की देख-रेख करते हैं । रणनीति को लागू करना: निदेशक मंडल द्वारा बनाई गई व्यावसायिक रणनीतियों को जमीन पर उतारना। नेतृत्व: संगठन टीम का नेतृत्व करना और उन्हें संस्था के लक्ष्यों (Goals) को हासिल करने के लिए प्रेरित करना। रिपोर्टिंग: संस्था के प्रदर्शन, वित्तीय स्थिति और चुनौतियों के बारे में बोर्ड को नियमित रूप से सूचित करना। निर्णय लेना: संस्था की लाभप्रदता बढ़ाने के लिए प्रमुख परिचालन और वित्तीय निर्णय लेना। संसाधन आवंटन: बजट प्रबंधन और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना। विशाल झा MD vs Director: डायरेक्टर बोर्ड का हिस्सा हैं, जबकि एमडी बोर्ड के आदेशों पर संस्था चलाते हैं। MD vs CEO: एमडी और सीईओ (CEO) अक्सर एक ही माने जाते हैं, लेकिन एमडी दिन-प्रतिदिन के संचालन (Operations) पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि सीईओ दीर्घकालिक दृष्टिकोण (Vision) और रणनीति पर ध्यान केंद्रित करते हैं।संक्षेप में, एमडी संस्था का "कप्तान" है जो बोर्ड की योजना को वास्तविक सफलता में बदलते है।

अर्जुन सिंह स्टेट प्रेसिडेंट" (State President) आमतौर संगठन, महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान, संस्था के राज्य अध्यक्ष में हैं। यह एक प्रमुख पद है, जो महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान राज्य में संगठन के कार्यों, निर्णय लेने, और नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालता है। यह संवैधानिक पद नहीं, बल्कि सांगठनिक (जैसे संस्था ) पद है, जो केंद्र या राष्ट्रीय नेतृत्व संगठन द्वारा नियुक्त किया गया है। अर्जुन सिंह स्टेट प्रेसिडेंट जी (राज्य अध्यक्ष) की मुख्य बातें: नेतृत्व: राज्य स्तर पर संस्था या संगठन का प्रमुख चेहरा। जिम्मेदारी: राज्य में राजनीतिक गतिविधियों, अभियानों, और कार्यकर्ताओं का प्रबंधन करना। नियुक्ति: राष्ट्रीय अध्यक्ष या केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मनोनीत या निर्वाचित। कार्य: राज्य सरकार के साथ संवाद, नीति निर्धारण, और मेंबर में संस्था का नेतृत्व नोट: महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान विशेष या संस्था के 'स्टेट प्रेसिडेंट' के बारे में जानकारी हैं, तो महिला सुरक्षा एवं व्यवसाय प्रतिष्ठान अधिकार भिन्न काम करते हैं।
Our Medical Advisory Team

DR MAHI KUMARI
