About Us
Empowerment is Our Goal, and **Khushiyan Khushhal Jeevan Samaj** is Our Vision.
Our Journey and the Role of IAICF
- **Mahila Suraksha Evam Vyavsay Pratisthan** (Women's Safety and Business Establishment) was incorporated in Bihar, India, on **May 23, 2022**, as an **Education-Focused, Non-Governmental Organization (NGO)**. Our core objective is to provide **employment opportunities** and make underprivileged women secure and self-reliant at every level. Our work primarily focuses on empowering women in the fields of **Education, Industrial Development, and Training**.
Partnership with IA Infotech Computer Foundation (IAICF)
- We collaborate closely with **IA Infotech Computer Foundation (IAICF)**. IAICF focuses on skill development and ensures **sustainable livelihood** for the underprivileged through programs in education, community development, and youth mentorship. We believe that technical and industrial training is the key to self-reliance.
भारत सरकार और बिहार सरकार की प्रमुख पहलें
भारत सरकार द्वारा पहलें
महिला सुरक्षा के लिए पहलें
- **महिला हेल्पलाइन (181):** 24x7 कानूनी, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता।
- **वन स्टॉप सेंटर (ओएससी):** 800+ केंद्र, हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एकीकृत सहायता प्रदान करते हैं।
- **निर्भया फंड:** महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षा बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता।
- **सुरक्षित शहर परियोजना:** सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार के लिए बेहतर प्रकाश व्यवस्था, निगरानी और महिला पुलिस गश्त।
व्यावसायिक और शैक्षिक विकास के लिए पहलें
- **प्रगति छात्रवृत्ति:** तकनीकी शिक्षा में लड़कियों के लिए वित्तीय सहायता।
- **उड़ान योजना:** IITs/NITs की तैयारी करने वाली लड़कियों के लिए निःशुल्क कोचिंग।
- **विज्ञान ज्योति योजना:** विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए।
- **स्वाधार गृह योजना:** निराश्रित महिलाओं को आश्रय, भोजन और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
कानूनी प्रावधान
- **भारतीय न्याय संहिता 2023:** महिलाओं की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कानून।
- **महिला तस्करी रोकथाम अधिनियम:** मानव तस्करी और यौन शोषण को रोकने पर केंद्रित।
बिहार सरकार की पहल: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना
स्वरोजगार के लिए **₹2 लाख 10 हजार** तक की वित्तीय सहायता
- **पहली किश्त:** अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू करने के लिए, राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को सहायता के रूप में **₹10,000** की पहली किस्त सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
- **अतिरिक्त सहायता:** व्यवसाय शुरू करने के बाद, महिलाएं मूल्यांकन के बाद **₹2 लाख** तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
- **पात्रता अनिवार्य:** लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक महिला का स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना अनिवार्य है। आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- **आय सीमा:** आवेदक या उसका पति आयकर दाता की श्रेणी में नहीं होना चाहिए तथा उसके पास कोई सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया (ग्रामीण और शहरी)
- स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं ग्राम संगठन (VO) या क्षेत्र स्तरीय संगठन (ALO) के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। जो महिलाएं SHG से नहीं जुड़ी हैं, वे वेबसाइट **www.brlps.in** के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
Our Medical Advisory Team

DR MAHI KUMARI
